मां भारती के सपूतों ने हार ना मानी कभी किसी से।

सीने पर गोली खाई,

हम सभी की जान बचाई।

परिवार को अलविदा कहकर,

सीमा की पार लगाई।

धर्म और कर्म उनका एक,

धरती मां की गोद में जन्मे वह वीर अनेक।

आखिर धन - मन से देश की रक्षा करते करते, शहीद हो गए।

तिरंगे में लपटे अपने परिवार से जुदा हो गए।

हम देखते ही रह गए और वह इस देश और देश की सेना को सूना कर गए।