आज फिर मुझमें कुछ टूट गया
जीवन मुझसे कुछ रूठ गया
जीवन साथी माना जिसको
वो ही राहों में छूट गया...
वो प्यार सुहाना खो गया
बचपन का बहाना खो गया...
वो बाते करना छूट गया
सुख भी दुख में बदल गया
जब तुमने ही मुह मोड़ लिया तो
यादों का सहारा छूट गया
वो प्यार हमारा रूठ गया
जीने का सहारा छूट गया