केसर रंग रंगा मन मेरा, सुगापंखिया शाम है ,

बड़े प्यार से सात रंगों में लिखा तुम्हारा नाम है ।

अपने नैनों की पिचकारी से रंगी ये सुरमई शाम है,

जाने अनजाने पैमानों से, छलका छलका ये जाम है।

बड़े प्यार से सात रंगों में लिखा तुम्हारा नाम है, ।


जीवन में आये रंगेबहार इतनी कि फाग भी फीकी लगे,

दामन में आये आफशां इतने, कि तारों भरी रात भी कमतर लगे,

मुसकाती हुई, मुसकाती हुई हर शाम हो,

रूपहली किरणों सा जगमग तुम्हारा नाम हो,

बड़े प्यार से सात रंगों में लिखा तुम्हारा नाम है।

कहीं धूप कहीं छाया, कभी खुशी कभी गम 

से परिभाषित ये जीवन की शाम है 

बड़े प्यार से सात रंगों में लिखा तुम्हारा नाम है।

केसर रंग रंगा मन मेरा, सुगापंखिया शाम है,

बड़े प्यार से सात रंगों में लिखा तुम्हारा नाम है।

वन्दना ।