मोतीएक आवारा बूंदजिसका आदि अंबर सेऔर अंत शायदधूल में मिल जाना होता है ,सागर के दर्पण मेंसीप के अंतहृ मेंमात्र क्षण भर को प्रतिबिंबित हुईऔर कीमती मोती बन गई ..
मोती
एक आवारा बूंदजिसका आदि अंबर सेऔर अंत शायदधूल में मिल जाना होता है ,सागर के दर्पण मेंसीप के अंतहृ मेंमात्र क्षण भर को प्रतिबिंबित हुईऔर कीमती मोती बन गई ..