गीत मधुर बन जाते ऐसी 

हृदय कि ये झंकार है

अंग्रेजी तो बन्धन जैसी

हिन्दी मेरा प्यार है


अंग्रजी से नहीं लड़ाई 

पर हिन्दी है मन को भाई

परभाषा आपस में बोलें

काहे ज्ञान इस तुला पर तौलें

एक भाषा का ज्ञान मात्र

काहे का अहंकार है


हिन्दी की बहनें प्यारी हैं

भारत की भाषा न्यारी हैं

सब की माता संस्कृत है

गूढ़ व्याकरण तत्व निहित्त है

कीर्ति शाश्वत स्वयं पुरातन

वेद श्रुति आधार है