उसे मेरे इश्क़ से ज्यादा पैसा प्यारा था।

बेवफ़ा नाम मेरा होना तो बहाना था।।


शौक़ लाखो के पूरे करने थे उसे।

मेरी जेब मे तो एक आना ही था।।


कसमें थी उसकी आँखों मे आँसू न लाऊँगा।

फिर ज़ख्म लिए हज़ार मुझे मुस्कुराना था।।- वैभव रश्मि वर्मा