हे ईश्वर अब तेरा भरोसा,
हो ना मुझसे कुछ ऐसा-वैसा।
देना सदा विचार सकारात्मक,
दूर करना मानसिकता नकारात्मक।
मैं करूं सदा सबका सम्मान,
छोटे-बड़े सभी देेे मुझे मान।
ईमानदारी हो नीति मेेरा,
इंसानियत लगे मुझे सबसे प्यारा।
भेद-भाव नहीं जाति-धर्म का,
दास बनूं मैं सदा कर्म का।
लोभ-मोह नहीं किसी चीज की,
सेवा करूं सदा देश की।
दुखियों का मैैं करूंं दुख दूर,
कुदरत भी बरसाए नूर।
करें ना जीवों की हत्या कभी,
ऐसा शपथ लेते हम अभी।
प्यार-मोहब्बत-भाईचारा,
यही है मेरी विचारधारा।
___ उत्सव कुमार
