ये गम की शामों में
घड़ी थम सी क्यों जाती है
बेबस हालातों में ज़िन्दगी
बड़ी तंग नजर क्यों आती है
माना दौर बहुत बुरा है ये
यकीनन इक रोज गुजर भी जाएगा
पर हसीन सुबह की फ़िराक में भी
नीन्द रातों को बड़ी मुश्किल से आती है...
#musaafir
#utkarsh


ये गम की शामों में
घड़ी थम सी क्यों जाती है
बेबस हालातों में ज़िन्दगी
बड़ी तंग नजर क्यों आती है
माना दौर बहुत बुरा है ये
यकीनन इक रोज गुजर भी जाएगा
पर हसीन सुबह की फ़िराक में भी
नीन्द रातों को बड़ी मुश्किल से आती है...
#musaafir
#utkarsh