वो लोग जो मेरे साथ हैं,


कुछ दूर हैं, कुछ पास हैं,


है मेरे जीवन का


अधार उन्ही से,


जीने का है मिलता


विश्वास उन्ही से,


कमा भी लूँ जो


सारे जहान की दौलत,


मैं बता नहीं सकता,


कितना गरीब हूँ बिना उनके|

- उत्कर्ष भास्कर