अपना ज़माना आप बनाते हैं अहल-ए-दिलहम वो नहीं कि जिन को ज़माना बना गया[जिगर मुरादाबादी]हम को मिटा सके ये ज़माने में दम नहींहम से ज़माना ख़ुद है ज़माने से हम नहीं[जिगर मुरादाबादी]
अपना ज़माना आप बनाते हैं अहल-ए-दिलहम वो नहीं कि जिन को ज़माना बना गया
[जिगर मुरादाबादी]
हम को मिटा सके ये ज़माने में दम नहींहम से ज़माना ख़ुद है ज़माने से हम नहीं