मौसम शायद कभी बदलेंगे नही

पर जिंदगी का स्वाद बदलने न देना

बिजली कड़की या सैलाब आया

चेहरे की मुस्कान बदलने न देना

शायद गिर के कभी संभाल न सको तुम

पर गिरते बन्दे की ओर अपना हाथ जरूर बढ़ा देना

#unmeshmohitkar