चूम लो जज्बात मेरे
हाथ थाम लो मेरा
चलो कुछ कदम साथ मेरे
इक दुनिया दिखाता हूं
जहां तुम हो मैं हूं
वहां सिर्फ तुम कहो
मैं सुनूं ख्यालात तेरे
जहां ना दुख हो ना गम हो
जहां बिलखता पतझड़ नही
बस महकता सावन हो
सजाएंगे हम अपना जहां
इश्क से अपने
हटा के इस जरर कायनात परे
चूम लो ...


