मौजूदगी तुम्हारी मेरे लिये कोई नई सौग़ात नहीं
तूफ़ानों मेरे हौसलों के आगे तुम्हारी कोई औकात नहीं
बातों बातों में बात हमारी हो रही है हर जगह यहाँ
बात क्यों करेंगे लोग उसकी जिसमें कोई बात नहीं
हम करें चापलूसी आपकी ये तो हो नहीं सकता
बढ़े आगे लेकर नाम तुम्हारा इतने बुरे हालात नहीं
ख़ामोशियों को मेरी तू मेरी कमज़ोरी मत समझ
ये ख़ुशक़िस्मती है तेरी कि हुई कोई वारदात नहीं
आज तू ही खड़ा यहाँ दर पर मेरे मिलने के लिये
आज चल रही मर्ज़ी मेरी करूँ या मुलाक़ात नहीं
मौजूदगी तुम्हारी मेरे लिये कोई नई सौग़ात नहीं
तूफ़ानों मेरे हौसलों के आगे तुम्हारी कोई औकात नहीं