किसानों के सुकर्म से ही
चमक रहा है यह देश
जिस दिन भी ये कमजोर
पड़े तो बढ़ेंगे देश में क्लेश
भुखमरी की आशंकाओं को
किसानों ने ही किया है दूर
पर राजनेता और तंत्र सदा
सत्ता मद में रहते मगरूर
किसानों के आशीर्वाद से ही
मिली है उनको सत्ता की डोर
पर जनसेवा की शपथ ले वे
भूमिका निभा रहे कुछ और
करनी सबकी भिन्न है तो फिर
कैसे मिलें सही परिणाम
विविध खामियों की वजह से
अब लोकतंत्र हो रहा बदनाम
देशवासियों को मिल जुलकर
अब खोजने होंगे सही उपाय
राजनीति की दशा दुरुस्त हो
हर जन को मिले सही न्याय
