जाति और मजहब के नाम पे

सत्ता ले जो काट रहे हैं मौज


भेदभाव मिटाने को भला क्यों

करेंगे वे नई विधियों की खोज


बहुत जरूरी है देश के लिए

एक समान नागरिक कानून


ताकि विकास को गति मिले

दूर हो धर्म. जाति का जुनून


हर भारतीय का धर्म हो बस

देश का बहुआयामी उत्थान


अनिवार्य रूप से रखना पड़े

सबको भारतीय ही उपनाम