मन में हैरानी होती तभी 

जब आप करें परवाह


वैसा कुछ हो जिसकी

आपको नहीं थी चाह


हैरानी ही पैदा करती

कुछ करने की चाह


इसी भाव के जन्म से

इंसान ढ़ूंढता नई राह


हैरानी के चलते जग में

हुए नए नए आविष्कार


वास्तव में हैरानी लाती

हैं विचारों में परिष्कार