चाहत से हो जाती हर
इंसान की भी पहचान
सोच भली या बुरी है हो
जाए इसका भी अनुमान
चाहत के आधार हर कोई
मंजिल की करता तलाश
कोई होता सफल तो कोई
रह जाता है बहुत निराश
चाहत सबकी पूरी हो जाए
यह बिल्कुल नहीं जरूरी
वे ही चाहत पूरी कर पाते
जिनमें लगन रही हो पूरी
बड़े बुजुर्ग भी समझा गए
रखिये अच्छे की चाहत
चाहत पूरी करने को निष्ठा
से करिये कड़ी मशक्कत


