सब उद्यम बिक जाएंगे
देश के माटी के मोल
जग में रह जाएंगे बस
कुटिल नेताओं के बोल
तब रोजगारविहीन जनता
जपा करेगी हरि हरि बोल
इस बार के बजट ने खोल दी
है सरकार की मंशा की पोल
जनता आह भरे या करे वाह
बजट सुन मन अत्यंत है खिन्न
सरकारी नीतियों से और बड़ा
हुआ निजीकरण का जिन्न
सोच समझकर कीजिये अब
मनमानी नीतियों का प्रतिकार
ताकि देश को भविष्य में बस
हासिल न हो गहन अंधकार
