ज़िन्दगी की ये बानगी देखिये,सांसों की यह तिश्नगी देखिये।रुख़सत की घड़ी आन पहुंची,चलती चन्द सांसें टूटती देखिये।काबू मशरिक़ी
ज़िन्दगी की ये बानगी देखिये,सांसों की यह तिश्नगी देखिये।रुख़सत की घड़ी आन पहुंची,चलती चन्द सांसें टूटती देखिये।
काबू मशरिक़ी