जिंदगी की रूबरू लिखें या

जिंदगी की उलझनें ...

कुछ तो लिखते है ।

दोस्ती की यादें लिखें या

घर वालो की डांटे...

कुछ तो लिखते है ।

मुझे याद हैं वो सब बचपन की बातें

खेलने के बहाने घर से भाग जाना...

धीरे-धीरे ये सब भूल जाना

कुछ तो लिखते है।