तूम आना, उस गुलमोहर के नीचे

दिल को थाम, और आंखे मीचे


करनी हैं, कुछ बातें तुमसे

बैठ उसी, गुलमोहर के नीचे


खोल देना , बातों की गठरी

खुले रखना, दिल के दरीचे


क्या खोया, क्या पाया हमने

क्यों देंखे, अब मुड़ के पीछे


देना छाँव, तुम मुझको जाना

हाथों से अपने, आँचल को खींचे


तुम आना, उस गुलमोहर के नीचे

दिल को थाम, और आंखें मीचे