बराबरी


एक औरत ज़रा-सा ज़्यादा कुछ मांग ले

तो समाज कहता है,

"आग लगे बराबरी को!"

बस! इसलिए बराबरी चाहिए नारी को।


उसके पति के गुज़र जाने पर

रंग देते हैं सफ़ेद बेचारी को

कभी हिम्मत के रंग दिएं हैं किसी ने?

नहीं ना?

बस! इसलिए बराबरी चाहिए नारी को।


अपने हक़ के पैसे,

कितनी शर्म की बात है,

कि मांगने पड़ते हैं उसे

और मां-बाप खुश होते हैं

कि नौकरी मिली लड़की हमारी को! 

बस! इसलिए बराबरी चाहिए नारी को।


-तुलसी