इश्क़ में हद से आगे नहीं बढ़ना थाकुछ तो इज्ज़त का अपनी भरम रखना थाघुटनों पे आ गया तो लगा है मुझेअपने ही दम पे इस जंग में लड़ना था
इश्क़ में हद से आगे नहीं बढ़ना थाकुछ तो इज्ज़त का अपनी भरम रखना था
घुटनों पे आ गया तो लगा है मुझेअपने ही दम पे इस जंग में लड़ना था