फ़कत हमें तो यही अब सवाल रहता है
सिर्फ़ उसी का हमें तो खयाल रहता है
मुझे ही रंज नहीं अब तो हिज़्र मे उसके
बिछड़ के अब तो उसे भी मलाल रहता है
ये सब्र भी तो खुदा की अज़ीम नेमत है
हां हाल कोई भी हो दिल बहाल रहता है
चलो ये ज़ख्म तो भर जाएगा मगर फिर भी
निशां तो इसका वाकी सालों साल रहता है
हजार दुख सहे लेकिन अदब नहीं भूला
अदीब बन के अदब की मिसाल रहता है
✍️✍️ Tufail Adeeb
