ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृ त्योर्मुक्षीय मामृतात्

महामृत्युंजय मंत्र का अर्थ:

  • ॐ - हे ओंकार स्वरूप परमेश्वर शंकर 
  • त्र्यम्बकं - तीन आँखो से शोभायमान आपका
  • यजामहे - हम पूजन करते है, कृपया हमारे जीवन में 
  • सुगन्धिम् - भक्ति का सुगंध दीजिए, 
  • पुष्टिवर्धनम् - आनंद की वृद्धि कीजिए। 
  • उर्वारुकमिव - जिस प्रकार फल आसानी से
  • बन्धनान् - पेड़ के बंधन से मुक्त होते है, ठिक वैसे ही
  • मृत्योर्मुक्षीय - हमें मृत्यु के बंधन से मुक्त करके 
  • मामृतात् - अमृत पद की प्राप्ति दीजिए।

महामृत्युंजय मंत्र का अर्थ यह है की हम आपकी भगवान शिव की आराधना करते हैं। आप खुशी हैं जो हमारा पोषण करते हैं, हमारे स्वास्थ्य को पुनर्स्थापित करते हैं, और हमें (लोगों को) कामयाब होने का कारण बनते हैं।

इस महा मृत्युंजय मंत्र जाप के लिए सबसे अच्छा समय (मुहूरत) ब्रह्मा मुहूरत है जो सुबह ४:०० का माना जाता है। महा मृत्युंजय जाप हमेशा शुद्ध वातावरण में ही करने की आवश्यकता है। जिससे आपका मन उन सभी चिंताओं को दूर कर सके और आपका पूरा दिन सकारात्मक और प्रेरित रहने के लिए।