कई प्रश्न है
जिनको सतहों से कोई सरोकार नहीं
जिनके उत्तर गहराइयों में मिलते है
ये दौर है
जहाँ प्रश्न फिसल जाते है
और गिर जाते हैं अनंत अंधेरों में
उत्तर ढूँढना है
तो गहराइयों में उतरना होगा
या फिर वो काई हटानी होगी
जो मन- मस्तिष्क पे जमा है
जिससे आवश्यक प्रश्न
फिसल के खो जाते है अंधेरों में
और कहलाते हैं
छिछले प्रश्न।

