अगर करना हिफ़ाजत हो ,तो राधेश्याम बन जाना।

बचानी आबरू हो तब,सीताराम बन जाना ।

अगर निकले हुए हो ,न्याय की राहो में हे प्यारे

तो घर बैठे हुए उस माँ के लिए,श्रवण कुमार बन जाना ।