काश तुझसे मैं ,गुज़ारिश कर लेता ।
अपने मसले को ,तेरे सामने पेश कर देता ।
इतनी ज़ुर्रत ना हुई ,कमबख्त दिल मे मेरे ।
वर्ना एक इतिहास,हमारा भी यहा होता


काश तुझसे मैं ,गुज़ारिश कर लेता ।
अपने मसले को ,तेरे सामने पेश कर देता ।
इतनी ज़ुर्रत ना हुई ,कमबख्त दिल मे मेरे ।
वर्ना एक इतिहास,हमारा भी यहा होता