1 min read 794.3K reads

एहसास


काश तुझसे मैं ,गुज़ारिश कर लेता ।अपने मसले को ,तेरे सामने पेश कर देता ।

इतनी ज़ुर्रत ना हुई ,कमबख्त दिल मे मेरे ।वर्ना एक इतिहास,हमारा भी यहा होता

Read more Earn more Learn more