मेरी coffee (चाय)
कभी कड़वी तो कभी मीठी लगती हो ,
कभी काली तो कभी गोरी लगती हो
कभी प्यार से होठो को जला जाती हो
और कभी जीभो को स्वाद चखा जाती हो।
रातो की तनहाई भी दूर कर देती हो,
दिन भर की थकान भी दूर कर देती हो ।
Tension में भी याद आती हो ,
और ख़ुशी में तो पैगाम लाती हो ।
तेरी सौतन(दूध) को भी जलन होते है ,
लोग उसे छोड तुझ पर फिदा होते है ।
थोड़ी सी तेज आंच पर ,उफान सी ऊपर आती हो
पर प्यार से फूंक मार दु ,तो चुप हो जाती हो
तेरी चुस्कियां हृदय को ,आनंदित कर देती है ।
मन के ज्वार भाटा को,नियंत्रित कर देती है
कोई तुझे hot तो कोई cold बोलता है ।
कोई तेज तो ,कोई फीकी बोलता है
कोई मसाला तो ,कोई कटिंग भी बोल जाता है
पर ये जहाँ अब तूझे अपनी जरूरत समझता है
TK
#tealover#coffeelover


