चांद पर चाय's image

मेरी coffee (चाय)


कभी कड़वी तो कभी मीठी लगती हो ,

कभी काली तो कभी गोरी लगती हो 

कभी प्यार से होठो को जला जाती हो 

और कभी जीभो को स्वाद चखा जाती हो।


रातो की तनहाई भी दूर कर देती हो,

दिन भर की थकान भी दूर कर देती हो ।

Tension में भी याद आती हो ,

और ख़ुशी में तो पैगाम लाती हो ।


तेरी सौतन(दूध) को भी जलन होते है ,

लोग उसे छोड तुझ पर फिदा हो

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