कहानी क्या थी,

अब कहां जा रहा हूं,

जो कहानी है ही नहीं अपनी

उसमे क्यूं

जीने चाह रहा हूं,,

कोलाहाल और व्याकुलता के बीच

अपने आपको खोता जा रहा हूं,

यूं डरता न था पहले

अब ज़रा सा घबरा रहा हूं,

वो पीछे अपने आपको

खुद से दूर जाता देख रहा हूं।