छोटी सी ज़िन्दगी और बड़ा झोल है साहेब ! हाँ भी है,ना भी है, ये जनता ढोल है साहेब ! खरीदो सब मिलेगा इस नए बाज़ार में तुमको नये इस दौर में हर चीज़ का एक मोल है, साहेब ! खड़े है देखने जो तमाशा मौत का यहाँ पे उन्हें कह दो ये दुनियाँ गोल है, साहेब !