लाख कोशिशें यूँ आजमाता हूँ में,
वो समझ जाए की उसे चाहता हूँ में ।
लब्जों में भी बयाँ करने का मन तो है,
उसे खोने से मगर डर जाता हूँ में ।
उसकी एक हँसी से मेरा दिन बन जाता है,
इसीलिए बेवजा बातों से उसे हँसाता हूँ में ।
लाख कोशिशें यूँ आजमाता हूँ में,
वो समझ जाए की उसे चाहता हूँ में ।।