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कामनाओं का अन्तर्विरोध

Thakur Yogendra SinghThakur Yogendra Singh March 14, 2022
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जो न हो उपलब्ध, उसकी लालसा होती है हर क्षण,

जो न हो किस्मत में, उसके ख्याल आते हैं जहन में।

हो न जिसकी कामना,वो मिल भी जाए तो सहज है,

और जिसकी कामना हो, ना मिले, पीड़ा गहन में।।

...

मन की वाचलता का न अनुमान, न पैमाना है कोई,

समय के संदर्भ में, नित स्वप्न नया रूप  लेते।

मन के आंचल मे विचरती, काम

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