करके मशरूफ उन ज़ालिम निगाहों से
रब ने हमे..हमारे घर में कैद कर दिया!!
होगा कातिल ये कैदी फिर ,दीदार-ए-तलब में
..जरा इसकी जमानत तो होने दे!!


करके मशरूफ उन ज़ालिम निगाहों से
रब ने हमे..हमारे घर में कैद कर दिया!!
होगा कातिल ये कैदी फिर ,दीदार-ए-तलब में
..जरा इसकी जमानत तो होने दे!!