अचरज होगे जानकर, 

सबका अपना रास्ता है 

एक ही पथ पर 

संग चलकर भी,

किसी का ना किसी से 

कोई वास्ता है। 


छोटे कुछ भागों में

विभाजित होता ये संजोग है,

कुछ टुकड़ों के अनुग्रह से 

सामान्य रूप का संयोग है। 


दृश्य जीवन का

अपरिमित अंकों में विशेष है,

अनुकरण के प्रयास में,

आत्म अस्तित्व की मौलिकता

जीवन-सापेक्ष है।