अकेला खड़ा हूँ इन राहो पर , तुम हाथ थाम लो ना ज़रा , भरे आँख अश्क़ों से मेरे तुम हँसी होंठो पर भर दो न जऱा !! आँखे बंद करके देखो दूर नीला आकाश नजर आ रहा है , हम -तुम खड़े है किसी सुने राह में और तुम्हारा दिल घबरा रहा है , इसी घबराहट में तुम सांसो को और करीब कर लो न ज़रा भरे आँख अश्क़ों से मेरे तुम हँसी होंठो पर भर दो न जऱा !! अब ज़रा आँखे खोलो ! तुम्हे क्या -क्या दिखाई दे रहा है , ये बरसते हुए बादल प्यार की दुहाई दे रहा है , मेरे दर्द भरे गीत धीमे-धीमे सुनाई दे रहा है , इसी दर्द में प्यार भर दो न ज़रा भरे आँख अश्क़ों से मेरे तुम हँसी होंठो पर भर दो न जऱा !!...