तमाशा's image

सबका एक ही रंग… बोलने का एक ही ढंग देश इतना कब बदला तमाशा देखकर हूं दंग।

कहाँ किसी को परवाह हैं सबको कुर्सी की चाह हैं पक्ष विपक्ष अप्रत्यक्ष हैं दम्भ में सरकार भी हैं मतंग मैं ये तमाशा देखकर….

Read More! Earn More! Learn More!