बागी लड़के लगते है
कुशल नेता
योद्धा
समाजिक बदलाव के दिशासूचक
इन्हें थोड़ा और बिगाड़कर, समाज इन्हें पलकों पर बैठाना चाहता है
बागी लड़कियाँ लगती है
होने वाली वैश्या
घर तोड़ने वाली डायन
सामाजिक ढांचे की दुश्मन
इन्हें सुधारकर, समाज इन्हें पालकी में बैठाना चाहता है
थोड़ा बिगड़ जाए तो समाज इन्हें अर्थी पर बैठाना चाहता है
तसलीम सौदाई
