तुम,
तुम मेरे शब्दो के बीच की खाली जगह हो,
तुम मेरा मौन हो,
वह मौन जो किसी और के लिए शायद निरर्थक हो,
पर मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
मेरे हृदय की गहराई में कंपन करते साज़ो का
मधुर संगीत हो तुम,
मुझमें मुझसे ज्यादा हो तुम,
तुम्हें परिभाषित करने को मैं लिख
सकता हूं अनंत कविताएं,
परंतु फिर भी,
वह सब होंगी
उतनी ही निरर्थक,
जितना मेरे शब्दो के बीच की खाली जगह।
जितना मेरा मौन।
