कई दिनों तक बिटिया रोई, अम्मा रही उदास,
कई दिनों तक छोटकी चाची सोई उसके पास।
कई दिनों तक भइया, दरवाजे पर रहे लगाते गश्त,
कई दिनों तक पापा की भी हालत रही शिकस्त।।
आये सिपाही गाँव में कई दिनों के बाद,
जेल गए तब अपराधी कई दिनों के बाद।
छलक उठी घर भर की आँखे कई दिनों के बाद,
बिटिया ने जब मूँदी आँखे कई दिनों के बाद।।
-तरुण वीर सिंह


