यादें और उम्मीदेंवक्त की सड़क पेचली जातीं गुनगुनातीमुस्कुरातीं, औरकभी खिलखिलातींकभी लिये नमी औरकभी सपनों कोसजातीं, वक्त केधागे में नये-नयेमोतियों को पिरोतींवक्त की नदी मेंचली जाती बहतीइठलाती, बलखातीमन को बस यूँ हींललचाती, बहलाती ।
यादें और उम्मीदेंवक्त की सड़क पेचली जातीं गुनगुनातीमुस्कुरातीं, औरकभी खिलखिलातीं
कभी लिये नमी औरकभी सपनों कोसजातीं, वक्त केधागे में नये-नयेमोतियों को पिरोतीं
वक्त की नदी मेंचली जाती बहतीइठलाती, बलखातीमन को बस यूँ हींललचाती, बहलाती ।