
गुनाह-ए-हसीं करने को दिल चाहता है
लबों से लब चखने को दिल चाहता है
आरज़ू-ए-वस्ल की उम्मीद लेकर
ख्वाबों में मिलने को दिल चाहता है
तोड़कर गुनाहों के सारे क़ाएदे क़ानून
लम्स की हिद्दत में जलने को दिल चाहता है
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गुनाह-ए-हसीं करने को दिल चाहता है
लबों से लब चखने को दिल चाहता है
आरज़ू-ए-वस्ल की उम्मीद लेकर
ख्वाबों में मिलने को दिल चाहता है
तोड़कर गुनाहों के सारे क़ाएदे क़ानून
लम्स की हिद्दत में जलने को दिल चाहता है