मरने पर हारे बन्दे के, जो इतना हंगामा किया खड़ा है,
जब ऐसे लोग, हँस कर जीने की ख्वाहिश करते है ना,
भूल जख्मों को, नई पहल की कोशिश करते है ना,
जब कोई जिन्दगी में, चुनोतियाँ के सामने तान सीना अड़ा है,
तो इसी भीड़ का हर शख्स कहता है, तू तो चिकना घड़ा है।।।

मरने पर हारे बन्दे के, जो इतना हंगामा किया खड़ा है,
जब ऐसे लोग, हँस कर जीने की ख्वाहिश करते है ना,
भूल जख्मों को, नई पहल की कोशिश करते है ना,
जब कोई जिन्दगी में, चुनोतियाँ के सामने तान सीना अड़ा है,
तो इसी भीड़ का हर शख्स कहता है, तू तो चिकना घड़ा है।।।