सिर्फ इतना कि वो गरीब है,
क्या यही उसका,
कसूर है?, कसूर है?, कसूर है?
हवेली में ना जन्मा
सड़को पर पला है,
खिलौनों की तरस में
बचपन गुजर चला है,
दर्द इतना जो दिल के करीब है...
क्या यही उसका
कसूर है?, कसूर है?, कसूर है?
10-12 सदस्यों का था परिवार
जिसके लिए छोड़ा था गाँव, घरबार,
कोरोना की तपन में हो लाचार
घर के लिए निकला पैदल-बीमार,
मर गया वो आज, क्या उसका कोई हबीब है ?
क्या यही उसका कसूर है ????
(कोरोना की वजह से लगे लोकडाउन में गरीबो की व्यथा)


