तेरी रज़ा ना तेरा था,
ना मेरा था, पर,एक वादा अधूरा था।
ना मिलना था,
ना बिछड़ना था,
बस, एक साथ तेरा निभाना था।
ना कहना था,ना सुनना था,
बस, पलकों में तुम्हें समाना था।
ना मेरी थी,
ना तेरी थी,
यह अर्जी, अधूरी थी।
मर्जी खुदा की,
हमारी तकदीरे थी।
ना मिले,
ना बिछड़े,
कहानी ,
यही पूरी थी।