मुझमें जैसे रब रहता हैमेरी साँसों मे तू रहता है!किनारा है तू मेरी उलझनों काजैसेउजाला हो तू इन अंधेरों का।
मुझमें जैसे रब रहता हैमेरी साँसों मे तू रहता है!
किनारा है तू मेरी उलझनों काजैसेउजाला हो तू इन अंधेरों का।