
अपने आप को बयां कर
कभी अपना प्यार खुद को दिया कर!
मत ढूंढ़ अपना जहाँ किसी और की आँखो में
कभी तन्हाई में अपने दिल को पढ़ा कर!
गैरो के ख्वाबों में तलाश रहा अपना पता
कभी अपने किसी सपने को खुद का ठिकाना बनाया कर!
किसी दिल के शिशमहल का दरवाजा खट-खटा रहा
कभी अपने मन क
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