कोई गुजरा हुआ कल यदि फिर कल में बदल जाये ......
तेरा बस नाम सुनते ही मेरा दिल फिर से मचल जाए.......
करेंगे लोग चर्चे भी हमारे नित रोज अब क्या क्या ?
अगर ये सोच भी तब्दील हो जाये......
तो यकीन मानो ये दुनिया के हसी लोगो ......
न जाने और कितने रिश्ते यहां फिर से संभल जाएँ .....
आदर्श " बंधन में अगर कोई तकरार हो जाये .......
न करना ज़िन्दगी में कोई काम ऐसा कि तू भी शर्मसार हो जाये..
बंधे है आज के रिश्ते बड़े नाजुक से धागों से .......
ये अक्सर टूट जाते है जरा सा तंग हो जाये.....