अपनी सांसों में महकता पाया है आपको, अपनी अदाओं से तरसता पाया है आपको | अपने हर नखरे से तड़पता पाया है आपको, अपने रूठने से बिलकता पाया है आपको | अपनी हंसी में हँसता पाया है आपको , अपने गम में रोता पाया है आपको | तो क्यूँ ना करे शिद्दत से याद आपको , जब मेरे ही लिए खुदा ने बनाया है आपको |