ख़्वाबों के शहर में एक छोटा सा घर बनाना है , मुझे तुम्हे दोनों को यही नया जहान बसाना है | उसी घर को हमे अपने प्यार से सजाना है , फिर भी उसे सिर्फ एक सपना ही बताना है || उसी घर में हमे रूठना है फिर मान जाना है , वही से नयी खुशियों का अभिनन्दन कराना है | उसी शहर में ख़्वाबों का शहंशाह बनाना है , फिर भी उसे एक सपना ही बताना है || उसी घर में रोना है तभी हंस जाना है , प्यार को प्यार से ही तो बढ़ाना है | वही अपने प्यार को शिद्दत से निभाना है , उसी प्यार पर वक़्त रहते रुसवा हो जाना है || नज़र से बचने के लिए उसे सिर्फ एक सपना ही बताना है ||